कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन – कौशल मेला का वर्चुअल उद्घाटन

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देहरादून: मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री, भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, भारत सरकार श्री आर. के. सिंह, उत्तराखण्ड के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत एवं विधायक/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक की वर्चुअल उपस्थिति में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन का डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री तीरथ एवं केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने स्किल इंडिया के मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से बातचीत कर युवाओं को कौशल विकास के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने महिला स्वयं सहायता समूहों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिये जाने और कौशल विकास कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया है। मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन – कौशल मेला के वर्चुअल उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस स्किल इंडिया पैवेलियन के द्वारा देश के युवाओं का कौशल विकास होगा और वे एक नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि

जिस प्रकार सम्पूर्ण विश्व में यह कुम्भ मेला भारत की आध्यात्मिक ताकत का बोध कराता है उसी प्रकार हम सभी का एकजुट प्रयास हो कि स्किल इंडिया पैवेलियन देश के युवाओं को आने वाले भविष्य के अनुरूप कौशल का निर्माण करने में एक दिशा दे और हम सभी भारत के गौरवशाली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कुम्भ मेले में केंद्र सरकार से बहुत महत्वपूर्ण सहयोग मिला है।  हमारे कुशल कार्यबल की ही लगन और मेहनत का फल है कि इस महाकुम्भ का आयोजन ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी किया जा सका है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 में उत्तराखंड को अधिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन विशेष तौर पर साहसिक पर्यटन और आईटी पर फोकस किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में कौशल विकास के कार्यक्रम चलाए जाएं। इनकी मार्केटिंग पर भी ध्यान देना होगा। प्रदेश में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और इनमें भी महिला स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास से जोड़ें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 में उत्तराखंड को अधिक लक्ष्य आवंटित किये जाने का अनुरोध किया।

भारत एवं कुशल भारत के संकल्प को लेकर हरिद्वार कुंभ के दौरान यह कार्यक्रम आयोजित

प्रदेश के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री के कौशल भारत एवं कुशल भारत के संकल्प को लेकर हरिद्वार कुम्भ मेले के दौरान यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं के हाथों में हुनर देकर हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से राज्य में युवाओं को स्किल से जोड़ा जा रहा है। एडवेंचर, ईको टूरिज्म, आर्गेनिक खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ ही राज्य सरकार द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

हरिद्वार विधायक/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक ने कहा कि

कुंभ मेले में कौशल विकास के इस कार्यक्रम के माध्यम से व्यापक स्तर पर कौशल विकास के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। कौशल विकास में ताकत है कि विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से लोगों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है। कौशल विकास से स्वरोजगार के प्रति लोगों का रूझान बढ़ेगा। कौशल विकास से प्रशिक्षण लेकर एक व्यक्ति अनेक लोगों को अपने साथ रोजगार से जोड़ने में सक्षम होगा।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय,  भारत सरकार के अपर सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी,  राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सीईओ डॉ. मनीष कुमार,  सचिव कौशल विकास,  उत्तराखण्ड श्री डी. सेंथिल पांडियन एवं निदेशक कौशल विकास श्री आर. राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

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