बंगाल में फिर दिखी ममता दीदी की दादागिरी, बीजेपी के दफ्तर से खुद हटाया कमल का निशान

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बंगाल में फिर दिखी ममता दीदी की दादागिरी, बीजेपी के दफ्तर से खुद हटाया कमल का निशान

बंगाल: लोकसभा चुनाव 2019 के समाप्त होने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी और तृर्णमूल कांग्रेस के बीच विवाद खत्म होने के नाम ही नहीं ले रहे है। ‘जय श्रीराम’ को लेकर राज्य में दोनों पार्टियों के बीच एक बार फिर से राजनीतिक तकरार बढ़ गई है। जुबानी जंग के बाद अब मामला एक दूसरे के पार्टी दफ्तरों पर कब्जा करने पर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना जिले में खुद बीजेपी दफ्तार का ताला तोड़ने पहुंची। तृर्णमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह दफ्तार पहले पार्टी का था जिस पर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपने कब्जा किया हुआ था। जिसके बाद खुद ममता बनर्जी परगना जिला पहुंची और यहां कमल के निशान को पेंट कर उस पर TMC का लोगो बना दिया।

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दरअसल, यह घटना उस दिन की जब नरेंद्र मोदी एक बार फिर से राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, उसी समय बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में ममता बनर्जी धरने पर थीं। नैहाटी में रैली को संबोधित करने के बाद ममता भजापा के दफ्तर पर पहुंचीं। जिसके बाद ममता बनर्जी ने अपने सामने बीजेपी दफ्तार के ताले तुड़वाए और ऑफिस से भगवा रंग और कमल का निशान हटाया गया। ममता ने अपने सामने ही सफेदी पोतवाई। इसके बाद खुद दीवार पर अपनी पार्टी का चिन्ह पेंट किया और पार्टी का नाम भी लिखा।