नई दिल्ली : MARCO RUBIO MEETS PM अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने देश का दृष्टिकोण साझा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्षों का संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकाले जाने का आह्वान किया.
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प्रधानमंत्री मोदी ने मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद कहा, “अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करके प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में सतत प्रगति पर चर्चा की. साथ ही हमने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की.”
पीएम मोदी ने कहा, “भारत और अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.”
वहीं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है. गोर ने कहा, “सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अमेरिका-भारत सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर हमारी सार्थक चर्चा हुई.”
रविवार को, रुबियो जयशंकर के साथ दो-तरफा बातचीत करेंगे और अमेरिकी दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे. रूबियो सोमवार को आगरा और जयपुर जाएंगे और मंगलवार सुबह क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग के लिए दिल्ली लौटेंगे.
मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि जयशंकर और रुबियो के बीच बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, जरूरी टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच लेन-देन में भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हो सकती है.
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सप्लाई सहित इसके आर्थिक असर पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
रुबियो की भारत यात्रा विदेश सचिव विक्रम मिसरी के वाशिंगटन डीसी के तीन दिन के दौरे के पांच हफ़्ते बाद हो रही है, जिसमें अनिश्चितता और तनाव के दौर के बाद संबंधों को स्थिर करने पर ध्यान दिया गया था.
वाशिंगटन द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले मई में भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़पों को कम करने में अपनी भूमिका के बारे में विवादित बयान देने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में बड़ी गिरावट आई. अगले कुछ महीनों में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार और सबके सामने दावा किया कि उन्होंने दोनों पड़ोसियों के बीच मिलिट्री लड़ाई को सुलझा लिया है और लाखों जानें बचाई हैं, क्योंकि यह पूरी तरह से जंग की ओर बढ़ रहा था.
नई दिल्ली ने जोर देकर कहा कि दुश्मनी खत्म होना भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का नतीजा था, और अमेरिका के शामिल होने का इससे कोई लेना-देना नहीं था.
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