इंफाल। Naga Village Attack मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक नगा गांव पर हुए हमले में कम से कम नौ घर जलाए गए। नगा संगठनों का दावा है कि इस आगजनी में एक चर्च को भी आग के हवाले किया गया है।
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अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात लगभग 9:30 बजे टोकपा लियांगमाई नगा गांव में हुई। वर्दीधारी सशस्त्र लोगों ने स्वचालित बंदूकों से पहले अंधाधुंध गोलीबारी की और फिर उसके बाद गांव के ज्यादातर कच्चे ढांचों वाले नौ घरों को आग लगाकर राख कर दिया।
बताया जाता है कि टोकपा लियांगमाई नगा गांव में कई घर धू-धूकर जलने पर वहां एक नजदीकी गांवों के निवासियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में मदद की। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
मणिपुर में लियांगमाई नगा काउंसिल ने इस घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमले के पीछे एक अन्य समुदाय के सशस्त्र लोग थे।
काउंसिल ने दावा किया कि हमले में 10 घर और एक चर्च जलाए गए हैं। इसने एक बयान में कहा, “निर्दोष नागरिकों, आवासीय संपत्तियों और प्रार्थनास्थल को जानबूझकर निशाना बनाना एक गंभीर और निंदनीय हिंसा का कार्य है।”
नगा संगठन ने आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और अभियोजन की मांग की। इसने क्षेत्र में सुरक्षा को तुरंत मजबूत करने की भी मांग की। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही ठीक इसीतरह कुकी समुदाय के एक गांव में घर जलाए गए थे।
कुकी संगठन ने एनएच-202 से अवरोध हटाया
मणिपुर के उखरुल जिले में कुकी संगठनों के एक समूह ने राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोन्थौजम से बातचीत के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे अवरोध को हटा लिया है।
कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी उखरुल (केसीडब्ल्यूसी) ने 27 जुलाई को कुछ समुदायों द्वारा जिले के कुकी क्षेत्रों में “चयनात्मक आर्थिक अवरोध” के विरोध में “काउंटर अवरोध” लगाया था। गृह मंत्री कोन्थौजम ने कहा कि अब मालवाहक वाहन एनएच-202 से उखरुल की ओर अपनी यात्रा फिर शुरू कर चुके हैं।

















