माननीय प्रधानमंत्री करेंगे आइआइएम सम्बलपुर का शिलान्यास

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देहरादून-31 दिसंबर, 2020- देश में नई पीढ़ी के आइआइएम में सबसे आशाजनक और ऊर्जस्वी प्रबंधन संस्थानों में से एक, आइआइएम सम्बलपुर के लिए वर्ष 2020 उपलब्धियों भरा साल रहा है। और अब यह संस्थान नए साल के आगमन के साथ एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। 2 जनवरी, 2021 को वर्चुअल तरीके से आयोजित समारोह के दौरान भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आइआइएम सम्बलपुर के स्थायी परिसर का शिलान्यास करेंगे।

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आइआइएम संबलपुर के कर्मचारियों सहित लगभग 5000 से अधिक आमंत्रित अतिथि शामिल

इस समारोह में माननीय प्रधानमंत्री ओडिशा के माननीय राज्यपाल, श्री गणेशी लालय ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री, श्री नवीन पटनायकय माननीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार, श्री रमेश पोखरियाल श्निशंकश्य माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री, भारत सरकार, श्री धर्मेंद्र प्रधानय माननीय शिक्षा, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री संजय धोत्रेय माननीय राज्य मंत्री एमओएएचडी एवं मत्स्य पालन और एमएसएमइ, भारत सरकार, श्री प्रताप चंद्र सारंगीय माननीय सांसद, श्री नितेश गंगा देबय माननीय विधायक, श्री जे.एन. मिश्राय माननीय विधायक, श्री नूरी नायकय श्रीमती अरुंधति भट्टाचार्य, अध्यक्ष, बोर्ड, आइआइएम सम्बलपुर और भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व अध्यक्ष, तथा प्रो. महादेव जायसवाल, निदेशक, आइआइएम सम्बलपुर ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम का गौरव बढ़ाएँगे। इस वर्चुअल समारोह में भारत सरकार के गणमान्य अतिथि, उड़ीसा सरकार के गणमान्य अतिथि, उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियां, सार्वजनिक उपक्रमों केअधिकारीगण, आइआइएम, आइआइटी, आइआइएसइआर के निदेशक, मीडिया के पत्रकार, बुनकर समुदाय के सदस्य, किसान समुदाय के सदस्य, छात्र, पूर्व-छात्र, प्राध्यापक और आइआइएम संबलपुर के कर्मचारियों सहित लगभग 5000 से अधिक आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे।

निदेशक आइआइएम सम्बलपुर ने कहा

शीघ्र आयोजित होने वाले इस समारोह के बारे में प्रो. महादेव जायसवाल निदेशक आइआइएम सम्बलपुर ने कहा, “इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य अतिथिगण हमारे साथ होंगे, जो हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी। 5 सालों के अपने इस सफर में आइआइएम सम्बलपुर ने समाज के हर वर्ग के समावेश, माननीय प्रधानमंत्री नवप्रवर्तन और सत्यनिष्ठा के अपने बुनियादी मूल्यों का पालन करते हुए आशातीत सफलता प्राप्त की है। नई शिक्षा नीति के दृष्टिकोण के अनुरूप आइआइएम सम्बलपुर ने पढ़ने और पढ़ाने के तरीके में एक अभिनव बदलाव किया है, और इस प्रक्रिया को शिक्षक केंद्रित से छात्र केंद्रित बनाया है।

मौलिक दृष्टिकोण के तौर पर अंगीकृत किया

आइआइएम सम्बलपुर फ्लिप क्लास रूम की अवधारणा को प्रस्तुत करने वाला पहला संस्थान है, जिससे छात्र पढ़ाई से ज्यादा लगाव महसूस करते हैं और बुनियादी सिद्धांतों को डिजिटल माध्यमों से सिखाया जाता है, साथ ही लाइव प्रोजेक्ट के माध्यम से उन्हें क्लास रूम में ही उद्योग जगत का अनुभव प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन को साकार करने के एक हिस्से के रूप में, आइआइएम सम्बलपुर ने सभी के समावेश को अपने मौलिक दृष्टिकोण के तौर पर अंगीकृत किया है। हमने लैंगिक आधार पर भेदभाव के बिना सभी के समावेश के साथ-साथ बुनकरों और किसानों तक पहुंचने के संदर्भ में भी समावेश के सिद्धांत को अपनाया है। संस्थान ने एमबीए (2019-21) बैच में सर्वाधिक, यानी 49ः छात्राओं तथा एमबीए (2020-22) बैच में 43ः छात्राओं के साथ अधिकतम लैंगिक विविधता के मामले में अन्य सभी आइआइएम को पीछे छोड़ दिया है।

हम व्यवसाय के डिजिटलीकरण, डीकार्बनाइजेशन, यानी कार्बन के उत्सर्जन में कमी और इसके लोकतंत्रीकरण के संदर्भ में हो रहे नवीनतम बदलावों के अनुरूप अपने शोध कार्यों में सर्वोत्तम प्रबंधन अभ्यास के निर्माण पर बल देते हैं। इसके लिए हमने बुनकर उत्पादक संगठन (डब्लूपीओ) और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लघु एवं मध्यम उपक्रम मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एक इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की है। इसके अलावा, डिजिटलीकरण के क्षेत्र में अपनी कार्य-योजना के हिस्से के रूप में आइआइएम सम्बलपुर ने स्मार्ट क्लासरूम और निरीक्षकों की निगरानी में ऑनलाइन मूल्यांकन की शुरुआत की है। यह नई शिक्षा नीति- 2020 के अनुरूप भी है।

401.97 करोड़ रुपये कि इस परियोजना को साकार के लिए वित्तीय अनुदान

आइआइएम सम्बलपुर को ओडिशा सरकार का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है, और ओडिशा सरकार की ओर से प्रस्तावित परिसर के निर्माण के लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। शिक्षा मंत्रालय ने भी निरंतर प्रशासनिक सहायता प्रदान की है तथा 401.97 करोड़ रुपये कि इस परियोजना को साकार के लिए वित्तीय अनुदान के रूप में अपना समर्थन दिया है। निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप इस परियोजना को अप्रैल 2022 तक पूरा किया जाएगा।

संस्थान के नए एवं स्थायी परिसर में एक ग्रीन कैंपस होगा

जीआरआइएचए मानकों के अनुरूप ऊर्जा-कुशल व हरियाली को बढ़ावा देने वाली सुविधाओं से सुसज्जित इस प्रस्तावित परिसर की संरचना एकदम अत्याधुनिक होगी। नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग पर बल देने वाले संस्थान के नए एवं स्थायी परिसर में एक ग्रीन कैंपस होगा। इमारत की डिजाइन में ओडिशा की विरासत एवं कला की झलक दिखाई देगी। आइआइएम सम्बलपुर ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के अधीन उपक्रम, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को ष्परियोजना प्रबंधन परामर्शष् सेवाएं प्रदान करने का दायित्व सौंपा है।

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