Rahul Gandhi March : नई दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अन्य विपक्षी सांसदों के साथ बस में सवार होकर गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए। यह पूरा काफिला राहुल गांधी के सरकारी आवास से निकला। इस दौरान इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख सांसद और वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे। सभी नेता एक साथ बस में बैठकर तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति की ओर बढ़े। इस दौरान राहुल गांधी को आवास के बाहर कुछ देर तक रुकना भी पड़ा।
राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा?
रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने कहा, ‘छात्र सड़कों पर हैं तो विपक्षी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़क पर होना चाहिए। हम इंडिया गेट जाना चाहते थे। उन्होंने मना कर दिया फिर हमने कहा कि 30 जनवरी जाना चाहते हैं तो इन्होंने यहां पर रोक दिया है। हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं लेकिन मुख्य संदेश छात्रों के लिए है। हम आपके साथ हैं।’ हालांकि, राहुल गांधी की ओर से इतना कहते ही दिल्ली पुलिस ने रास्ता दे दिया।
राहुल गांधी ने बुलाई थी विपक्षी सांसदों की बैठक
बता दें कि राहुल गांधी ने गुरुवार को विपक्षी सांसदों की एक बड़ी बैठक बुलाई थी। इस दौरान योजना बनी और राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ गांधी स्मृति की ओर बढ़ने लगे। इसकी भनक जैसे ही दिल्ली पुलिस को लगी, तुरंत कांग्रेस नेता के घर के बार पहरा लगा दिया गया। कुछ देर तक हंगामे के बाद राहुल गांधी को बस में सवार होकर आगे बढ़ने दिया गया।
किस नेता ने क्या कहा?
राहुल गांधी के आवास पर कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान आरजेडी सांसद संजय यादव ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, और एक भी दोषी साबित नहीं हुआ। एजुकेशन सिस्टम में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं है। वहीं, सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि हम गांधी स्मृति के लिए निकल रहे हैं। हम वहां इसलिए जा रहे हैं क्योंकि यह सरकार स्टूडेंट्स पर कार्रवाई करने जा रही है।
बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के घर के बाहर पुलिस बैरिकेड्स लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता के घर के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचने लगे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे इलाके में बीएनएस की धार 163 लागू की गई है, एक जगह 5 लोगों से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते
इस अचानक यात्रा के पीछे की मुख्य वजह क्या है?
विपक्षी नेताओं की इस साझा यात्रा का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा घोटाले और पेपर लीक के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराना है।
विपक्षी नेता हाल के दिनों में पेपर लीक की वजह से परेशान और निराश छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने निकले हैं।
नीट परीक्षा के तनाव में अपनी जान गंवाने वाले छात्रों की याद में गांधी स्मृति में एक शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया।
पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों और सड़कों पर आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज उठाने की बात कही गई।
क्या हैं मुख्य मांगें?
विपक्षी दल नीट विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे हैं।
सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है।
इस बस यात्रा में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) समेत विपक्षी दलों के कई बड़े चेहरे एक साथ दिखे।
संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम जारी है।
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