कानपुर। Kanpur Lamborghini Case : एसीजेएम 7 अमित सिंह की कोर्ट ने तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को न्यायिक हिरासत में लेने का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा पुलिस गलत तरीके से शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लाया गया है। विवेचक को भी फटकार लगाई। शिवम को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बांड लेकर छोड़ दिया गया है।
RAFALE : सेना की बढ़ेगी ताकत, 114 राफेल और 6 P-8I विमान खरीद को मंजूरी
लैंबोर्गिनी कार से हुए हादसे में पुलिस का नोटिस न लेने व विवेचना में सहयोग न करने पर गुरुवार सुबह ग्वालटोली थाने की पुलिस शिवम को गिरफ्तार कर कोर्ट लाई थी।
रविवार को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लैंबोर्गिनी कार से वीआइपी रोड पर हादसा हो गया था। इसमें तौफीक घायल हो गया था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। सोमवार को ही कार चालक दिल्ली के द्वारका निवासी मोहन एम की तरफ से कोर्ट में सरेंडर प्रार्थनापत्र दिया गया था।
वसंत विहार साउथ वेस्ट दिल्ली निवासी कार मालिक शिवम मिश्रा ने कोर्ट में कार रिलीज करने का प्रार्थना पत्र दिया था। बुधवार को दोनों ही प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई हुई थी। कार चालक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट में पुलिस ने आख्या दी कि मोहन एम इस मामले में आरोपित नहीं है।
इस मामले में वांछित आरोपित शिवम मिश्रा है। कार रिलीज के बारे में रिपोर्ट दी कि शिवम मिश्रा ने विवेचक को कार के कागजात मुहैया नहीं कराए हैं। इस पर कोर्ट ने चालक का आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
Bangladesh Election 2026 : मतदान कैसे, नतीजे कब? हिंसा के बीच कैसी सुरक्षा; जानिए सबकुछ





















