Artificial Intelligence : ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमें जिम्मेदार AI के लिए मिलकर काम करना होगा। सभी देशों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए हम अगले साल भारत में AI इम्पैक्ट समिट आयोजित करने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आप सभी इस समिट को सफल बनाने में सक्रिय रूप से योगदान देंगे।
Monsoon 2025 : भारी बारिश से उत्तर भारत हुआ तरबतर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘AI फॉर ऑल’ के मंत्र पर काम करते हुए, आज भारत कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शासन जैसे क्षेत्रों में AI का सक्रिय रूप से और व्यापक रूप से उपयोग कर रहा है। हमारा मानना है कि AI गवर्नेंस में चिंताओं का समाधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने को समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऐसे वैश्विक मानक बनाने की जरूरत है जो डिजिटल कंटेंट की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकें, ताकि कंटेंट के स्रोत का पता चल सके, पारदर्शिता बनी रहे और दुरुपयोग को रोका जा सके।
फायदे के लिए या हथियार के रूप इस्तेमाल न हों खनिज और तकनीक
ब्रिक्स के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बहुपक्षवाद, आर्थिक-वित्तीय मामलों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मजबूत करने’ के विषय पर आयोजित सत्र के दौरान बड़ी ताकतों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ हमें उनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और लचीला बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी देश इनका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए या हथियार के रूप में न करे।
बढ़ रही BRICS की प्रासंगिकता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के इस मंच से पूरी दुनिया को कई अहम संदेश भी दिए। आज जब विश्व व्यवस्था हर तरफ से दबाव महसूस कर रही है, दुनिया कई चुनौतियों और अनिश्चितताओं से गुजर रही है। ऐसे में ब्रिक्स की प्रासंगिकता और प्रभाव बढ़ना स्वाभाविक है। हमें मिलकर इस बात पर विचार करना चाहिए कि आने वाले समय में ब्रिक्स कैसे बहुध्रुवीय विश्व का अग्रदूत बन सकता है।
Kailash Mansarovar Yatra 2025 : मुख्यमंत्री धामी ने किया कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ
























