टिहरी: वैसे तो रिश्तो को कायम रखने के लिए किसी त्यौहार की जरूरत नही होती है, लेकिन भारतीय संस्कृति में रक्षा बंधन का त्यौहार एक अलग ही महत्व रखता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। लेकिन जरा सोचिए अगर वो ही बहन अपने भाई की कलाई पर राखी ना बांध पाए तो कैसा होगा, शायद उस बहन के लिए इस त्यौहार का रंग फिके पड़ जाएगी।
कुछ ऐसे ही रंग फिके है धनोल्टी के धौलागिरी गांव के रहने वाले एक सैनिक धीरज की बहन के। जो इस बार अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध पाएगी। उस बहन की अपने भाई को राखी बांधने की कामना अधूरी रह जाएगी। जानकारी के लिए बता दे की धीरज गढ़वाल राइफल बटालियन के सिलीगुड़ी यूनिट में तैनात था, जोकि 23 जून से 20 दिनों के लिए छुट्टी पर था। छुट्टी पूरी होने के बाद धीरज अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए निकला था, लेकिन अपनी यूनिट नहीं पहुंचा। जिस पर उसके यूनिट के अधिकारियों ने उसकी तलाश शुरू कर दी है.
वहीं, धीरज की बहन कृष्णा अपने भाई की फोटो को साथ लेकर जगह-जगह उसे ढूंढ़ने में लगी हुई है। कृष्णा ने शासन-प्रशासन से भी गुहार लगाई है। बावजूद अब तक धीरज का पता नहीं चल सका है. साथ ही धीरज के परिजनों ने कहा कि सभी लोग आजादी मनाने जा रहे हैं, लेकिन एक फौजी लापता है उसे नहीं ढूंढा जा सका। ऐसे में क्या आजादी मनाएंगे।





















