इस्लामाबाद। पाकिस्तान में आए दिन हिंदू लड़कियों को अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आती रहती है। अब पाकिस्तान के दक्षिणी प्रांत सिंध कुछ मुस्लिम युवकों ने हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया। लड़की के परिवार का आरोप है कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर इस्ताम कबूल करवाया गया।
अपने कमरे में मृतक मिली थी नम्रता चंदानी
इस घटना से पहले सितंबर में नम्रता चंदानी नाम की हिंदू लड़की जो प्रथम वर्ष की मेडिकल कॉलेज की छात्रा थी जो अपने हॉस्टल के कमरे मरी हुई मिली थी। हालांकि, पुलिस और बाकी आधिकारियों ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लड़की ने आत्महत्या की है। हालांकि नम्रता के भाई ने कहा कि शुरुआती मेडिकल जांच में पता चला है कि नम्रता की हत्या की गई है। नमृता की हत्या के इर्द-गिर्द के रहस्य ने लोगों के मन में यह सवाल उठाया कि क्या यह जबरन धर्म परिवर्तन का मामला है।
हर साल किया जाता है 1,000 हिंदू लड़कियों का अपहरण
हाल के दिनों में, पाकिस्तान में जबरन धार्मिक परिवर्तन के कई मामले सामने आए हैं। अमेरिका स्थित सिंधी फाउंडेशन ने कहा है कि हर साल, 12 से 28 साल की उम्र की लगभग 1,000 युवा सिंधी हिंदू लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है और फिर जबरन धर्म परिवर्तन कर उनकी शादी कर दी जाती है।
पाकिस्तान में ऐसी कई घटनाएं नियमित रूप से होती हैं जहां हिंदू, सिख और ईसाई लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन कर इस्लाम में कबूल करवा दिया जाता है और फिर मुस्लिम पुरुषों से शादी करवा दी जाती है। घटनाएं ऐसे समय में हुई थी जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 5 अगस्त को क्षेत्र की विशेष स्थिति को समाप्त करने के बाद से वैश्विक प्लेटफार्मों पर कश्मीर में तथाकथित व्यापक अत्याचारों के आरोपों के लिए चीन का समर्थन लेने के लिए बीजिंग में थे।





















